आमतौर पर जब बच्चे के पेट में गड़बड़ होती है या ज्यादा खा लेने पर उल्टी होती है। ज्यादा दूध पीने के बाद पेट हल्का-सा भी दब जाए तो उल्टी हो जाती है। इन सामान्य हालात को छोड़ दें तो कई बार पेट के संक्रमण या फूड पॉयजनिंग के कारण भी उल्टी होती है। बार-बार की उल्टी का सबसे बड़ा खतरा होता है शरीर में पानी की कमी।
बहुत बार उल्टियाँ/कय या दूध पलटे जाने का कोई कारण विशेष नहीं हुआ करता है। ऐसे बच्चे के शारीरिक भार (वजन) में भी कोई कमी नहीं होती तथा कोई प्रमुख लक्षण भी दिखाई नहीं देते हैं। यह बातें बच्चे के माता-पिता को समझा देना चाहिए।
यदि रोगी बच्चे में नीचे लिखे लक्षण दृष्टिगोचर हों तो-
- ज्वर के साथ अथवा बिना ज्वर के लगातार उल्टी होती रहे।
- बच्चे को अफारा (पेट फूलना) हो गया हो।
- पेट में आंतों का चलना दिखाई पड़े।
- बच्चा गिरा-गिरा अथवा सोया हुआ
- रोगी बालक भोजन न निगल पा रहा हो, या दूध न ले पा रहा हो।
- पेट में कोई वृद्धि हो-जो स्पर्श करने पर अनुभव हो ।
- शरीर में पानी की कमी/डिहाईड्रेशन हो जाना।
- सिर पर फोनटेली बाहर को निकली हुई, लगातार सिर दर्द व दौरे पड़ने का पष्ट । ऐसी अवस्था में 'कारण' का पता लगाकर उसकी चिकित्सा करें-
- ठण्डा साफ-स्वच्छ जल घूंट-घूंट कर पीने को दें।
- शरीर में पानी की कमी (निर्जलीकरण) होने पर रींगर लेक्टर अथवा N/2 सोल्यूशन का शिरान्तर्गत (I/V) दें।
- यदि विषैला भोजन खा लिया हो तथा बाहर न निकला हो तो वमन / उल्टियां बन्द करने की औषधि न दें।
विशेष-
- वमन की चिकित्सा रोग की गम्भीरता के अनुसार करें।
- शरीर में द्रव की कमी की स्थिति में डेक्स्ट्रोज 5% शिरान्तर्गत (I/V) आवश्यकतानुसार प्रविष्ट करें।
- जब तक औषधि इन्जेक्शन द्वारा न दी जाये तब तक (आधा घण्टा तक) रोगी बालक को भोजन, दूध आदि न दें।
इन्जेक्शन पेरिनोर्म (Ini-Perinorm) निर्माता-इपका ।
अन्य उपयोगी औषधियाँ
- टेबलेट एवोमीन (Avomine) निर्माता-रोंनपुलेंक। » से ½ टेबलेट दिन में 3 बार दें।
- टेबलेट पेरिनोर्म (Perinorm) निर्माता इपका मात्रा - पूर्ववत। माता के दूध या पानी में घोल कर दें।
- टेबलेट लारजेक्टिल (Largactil) निर्माता एम०एण्ड बी/रोंनपुलेंक। मात्रा व विधि-पूर्ववत
- मैक्सीरोन-टेबलेट, इन्जेक्शन, लिक्विड (Maxiron) निर्माता- वालेस। (यह मेटोक्लोप्रामाइड है।) मात्रा - बालक टेबलेट मुखद्वारा 0.1 मिग्रा प्रति किग्रा० शारीरिक भारानुसार दिन में 4 बार सीरप 0.5 से 1 मिग्रा० प्रति किग्रा०शारीरिक भार पर। (1 वर्ष से कम आयु) 0.5 मिग्रा० प्रति किग्रा० प्रतिदिन से अधिक नहीं । इन्जेक्शन 0.1 मिग्रा० प्रति क्रिगा०/मात्रा ।
अन्य समकक्ष औषधियाँ-
- रेगलान टेबलेट, सीरप, इन्जेक्शन (Reglan) निर्माता - सी०एफ०एल०
- टेबलेट, इन्जेक्शन वोनीनोर्म (Vominorm) निर्माता- सिपला ।
- टेबलेट, सीरप, इन्जेक्शन मेटोटिड (Metotid) निर्माता-बायोलोजिकल इवान्स ।
- टेबलेट, लिक्विड, इन्जेक्शन पेरिनोर्म (Perinorm) निर्माता-इपका ।
- प्रोडोस टेबलेट, सस्पेन्शन, ड्राप्स (Prodom) निर्माता- वालेस। (यह डोमपेरिडोन है।) मात्रा (बालक) 0.3 मिग्रा० प्रति किग्रा० शारीरिक भार पर दिन में 3-4 बार भोजन से पूर्व तथा रात को सोने से पूर्व (यदि आवश्यक हो ।)
कुछ अन्य समकक्ष पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन
- टेबलेट डोमपेरी (Domperi) निर्माता - टोरेण्ट ।
- टेबलेट सस्पेंशन, डोमस्टाल (Domstal) निर्माता-टोरेण्ट ।
- टेबलेट सस्पेंशन, इण्टोपेस (Endopace) निर्माता थेमिस
- टेबलेट सस्पेंशन, गैसट्रेक्टिव (Gastractiv) निर्माता इथनोर
- टेबलेट, सस्पेंशन, नोरमेटिक (Normetic) निर्माता- लूपिन
- टेबलेट, ड्रॉप्स, वोमीस्टोप (Vomistap) निर्माता- सिपला
- टेबलेट इमीडोक्सिन (Emidoxyn) निर्माता- श्रेया। (यह प्रोक्लोरपेराजीन है ।) मात्रा बालक 0.25 मिग्रा० प्रति किग्रा० शारीरिक भार के अनुपात से दिन में 2-3 बार ।

