बुखार टाइफाइड का प्रमुख लक्षण है। इसके बाद संक्रमण बढ़ने के साथ भूख कम होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द होना, तेज बुखार, ठंड लगना, दस्त लगना, सुस्ती, कमजोरी और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। आंतों के संक्रमण के कारण शरीर के हर भाग में संक्रमण हो सकता है, जिससे कई अन्य संक्रमित बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
चिकित्सा विधि एवं आवश्यक निर्देश-
- रोग निदान होते ही रोगी को चिकित्सक के सम्पर्क में रखें तथा उसकी उचित देख-भाल करें ।
- रोगी को पूर्ण विश्राम करायें।
- रोगी के मल-मूत्र को Disinfect करने के बाद उसको नष्ट करने की उचित व्यवस्था बनायें।
- रोगी के मुख की सफाई के सम्बन्ध में गहनता से बतायें तथा प्रतिदिन गर्म जल से रोगी के शरीर को स्पंज कर साफ-स्वच्छ कपड़े बदलकर पहनायें।
- रोगी को पर्याप्त तथा सन्तुलित आहार दें। (जिसमें उचित मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स और विटामिन्स हों।)
- रोगी को 'इलेक्ट्रॉल पाउडर', निर्माता-फेयरडील का घोल भी दें ताकि उसके शरीर का इलेक्ट्रोलाइट बैलेन्स बना रहे ।
- रोगी को 'तरल' पदार्थ अधिक दें। इसमें नारियल पानी, मौसमी का रस, पतला दही, चाय, दूध में हार्लिक्स, या बोर्नवीटा अथवा जी०आर०डी० पाउडर (G.R.D. Powder) मिलाकर दें। दाल का पानी, मूंग की दाल की पतली खिचड़ी भी दे सकते हैं।
विशेष-
बहुत से तीमारदार या रोगी ऐसा मानते हैं कि रोगी को चावल देना हानिकर होता है, किन्तु यह गलत है। रोगी के मुख के स्वाद को परिवर्तित करने हेतु उसको फलों की चाट दे सकते हैं।
- रोगी को पीने हेतु उबालकर ठण्डा किया हुआ पानी में ग्लूकोज पाउडर व हल्का नमक मिलाकर दें।
- रोगी को एक दिन में कम से कम 2-3 लीटर तरल पदार्थ अवश्य देना चाहिए।
- रोगी को बाजारू खाद्य/पेय पदार्थ तथा तले-भुने तरल पदार्थ कदापि न दें।
- रोगी को कब्ज दूर करने के विरेचन/जुलाव प्रयोग न करें और रोगी का भोजन भी बन्द न करें । कोष्ठ शुद्धि हेतु मुनक्का गर्म दूध में औटाकर दें। वस्ति तथा ग्लीसरनी सपोजीटरी का उपयोग करें। जहाँ तक भी सम्भव हो रोगी को हिलने-डुलने न दें।
- इस रोग में औषधि सदैव विश्वसनीय कम्पनी की ही रोगी को दें।
- जहाँ तक सम्भव हो ज्वर आरम्भ होने के 5 दिन बाद 'क्लोरमफेनिकोल' का सेवन आरम्भ करायें। जब रोगी का टैम्प्रेचर नार्मल (प्राकृत) हो जाये तब क्लोरम्फेनिकोल की मात्रा धीरे-धीरे कम कर दें।
- 'प्रेडनीसोलोन' का यथा सम्भव प्रयोग न करें।
- रोग वाहक पुराने रोगियों में एम्पीसिलीन अथवा ट्रिनिथोप्रीम सल्फामिथोक्साजोल (पेटेण्ट व्यवसायिक नाम सेप्ट्रॉन, निर्माता-बरोज बेलकम) देना अच्छा रहता है। क्लोरम्फेनिकोल देना अनुपयुक्त है।
- आध्यमान, अतिसार, तीव्र ताप आदि की चिकित्सा भी यथा विधि करना चाहिए।
- रोगी की गम्भीर दशा की आशंका होते ही रोगी की बेहतर चिकित्सा व देखभाल हेतु किसी सुविधा सम्पन्न या सरकारी अस्पताल में दाखिल करवायें।
एण्टीबायोटिक औषधियाँ
क्लोरम्फेनिकोल (Chloramphenical)
यह इस ज्वर की संसार प्रसिद्ध पुरानी औषधि है। जो कैपसूल, सीरप और इन्जेक्शन के रूप में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से बाजार में उपलब्ध है।
मात्रा – वयस्क – 250-500 मिग्रा० 3-4 बार प्रतिदिन बच्चे - (2 सप्ताह से कम) 25 मिग्रा०/प्रतिकिग्रा० शारीरिक भारानुसार प्रतिदिन विभाजित मात्राओं में। (2 सप्ताह से 01 वर्ष) 25-50 मिग्रा० / प्रतिकिग्रा० प्रतिदिन विभक्त मात्राओं में। (1-12 वर्ष) 25-40 मिग्रा०/प्रतिकग्रा० प्रतिदिन विभाजित मात्राओं में दें।
निषेध- अतिसंवेदिता, गर्भावस्था, दुग्धावस्था, अस्थिमज्जाविकार तथा पोर फाइरिया में औषधि प्रयोग निषेध है। सावधानी-
- बच्चों में यह औषधि अत्यावश्यक होने पर ही दें तथा औषधि प्रारम्भ करने से पूर्व तथा औषधि सेवन के दौरान रक्तपरीक्षण (TLC, DLC, GBP) समय-समय पर कराते रहें ।
- एक दिन में 2-3 ग्राम से अधिक औषधि का प्रयोग न करें।
- वृद्धावस्था (60 वर्ष से ऊपर) औषधि प्रयोग में कोई समस्या नहीं।
- इस औषधि प्रयोग काल में विटामिन-बी कॉम्पलेक्स (बीकासूल्स कैपसूल/ सीरप ) का प्रयोग अवश्य करें। तथा सल्फोनिलयूरिया औषधियों का प्रयोग न करें।
प्रमुख 'पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन-
- क्लोरोमाइसेटिन - कैपसूल, सस्पेन्शन (Chloromycetin) निर्माता -पार्क डेविस (पी०डी०) ।
- इन्टेरोमायसेटिन कैपसूल, सीरप, इन्जेक्शन (Enteromycetin) निर्माता- डेज • पराक्सीन कैपसूल, ड्रा० (Paraxin) निर्माता - NPIL
- पाराक्सीन पालमीटेट सस्पेन्शन (Paraxin Palmitate Sus.) निर्माता- पूर्ववत् । • रेक्लोर कैपसूल (Reclor) निर्माता-SPPL इथिकल डिवीजन ।
विशेष-
यदि रोगी औषधि को पचा न पाये तो इन्जेक्शन के माध्यम से देते हैं। औषधि आरम्भ होने के 2-5 दिन बाद ज्वर उतर जाता है।
सिप्रोफ्लोक्सासिन (Ciprofloxacin)
यह विषम ज्वर (टायफायड) में अति उपयोगी औषधि है। जो टेबलेट व इन्जेक्शन के रूप में बाजार में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से उपलब्ध है।
मात्रा - वयस्क - 250-500 मिग्रा० 2 बार प्रतिदिन । रच्चे-5-15 मिग्रा० प्रतिकिग्रा० शारीरिक भार के अनुसार प्रतिदिन 2 विभाजित मात्राओं में।
इन्जेक्शन - मात्रा – वयस्क – 200-400 मिग्रा० 2 बार प्रतिदिन बच्चे - 5-10 मिग्रा० प्रतिकिग्रा० शारीरिक भार के अनुसार प्रतिदिन दो विभाजित मात्राओं में ।
निषेध - 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों में, गर्भावस्था, दुग्धावस्था तथा हाइपर सेन्सीटिविटी में प्रयोग निषेध है
कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन-
- टेबलेट अल्सीप्रो (Alcipro) निर्माता-अल्केम ।
- टेबलेट बायसिप (Baycip) निर्माता-बायर।
- टेबलेट इन्फ्यू० बायोसिप (Biocip) निर्माता-बायोकेम ।
- टेबलेट सिब्रान (Cebran) निर्माता- ब्लूक्रोस।
- टेबलेट सिफरान (Cifran) निर्माता रैनबैक्सी।
- टेबलेट सिफ्लोक्स (Ciplox) निर्माता- सिपला ।
- टेबलेट सिप्रोबिड (Ciprobid) निर्माता-जेडुसकैडिला ।
- टेबलेट सिप्रोक्वीन (Ciproquin) निर्माता- कोप्रानं ।
नॉरफ्लोक्सासिन (Norfloxacin)
यह औषधि टेबलेट, कैपसूल, सीरप के रूप में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से बाजार में उपलब्ध है।
मात्रा - वयस्क - 400 मिग्रा० 2 बार प्रतिदिन 2 सप्ताह (14 दिन) तक। बच्चे- (2 से 6 वर्ष) 100 मिग्रा० 2 बार प्रतिदिन। (6 से 12 वर्ष) 200 मिग्रा० 2 बार प्रतिदिन
निषेध - अतिसंवेदिता, दुग्धावस्था, 2 वर्ष से कम आयु के बच्चे (जब तक अत्यावश्यक न हो।)
कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन
- टेबलेट अल्फ्लोक्स (Alflox) निर्माता-अल्केम। इसकी डी०टी० (100 मिग्रा) की टेबलेट भी उपलब्ध हैं।
- टेबलेट बायोफ्लोक्सिन (Biofloxin) निर्माता-बायोकेम ।
- टेबलेट मेरीफ्लोक्स (Meriflox) निर्माता - मैरिण्ड ।
- टेबलेट नोरबिड (Norbid) निर्माता एलेम्बिक |
- टेबलेट नॉरफ्लोक्स (Norflox) निर्माता- सिपला ।
- टेबलेट नोरमैक्स (Normax) निर्माता-इपका ।
- टेबलेट नोरस्पान (Norspan) निर्माता- ब्लूक्रोस ।
- टेबलेट नोरस्टार (Norstar) निर्माता- कैडिला • टेबलेट यूटीबिड (Utibid) निर्माता - लूपिन ।
एमौक्सीसिलीन (Amoxycillin)
यह औषधि टेबलेट, कैपसूल, सीरप तथा इन्जेक्शन के रूप में बाजार में उपलब्ध है जो टायफायड फीवर में संसार भर में सफलतापूर्वक प्रयुक्त की जा रही है। मात्रा—वयस्क 250-1000 मिग्रा० प्रतिदिन 3-4 बार । बच्चे - 25-50 मिग्रा०प्रतिकिग्रा० शारीरिक भारानुसार विभाजित मात्राओं में।
निषेध - एलर्जी, गर्भावस्था, यकृत व वृक्क क्षति में न दें।
कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन-
- डी०टी० टेबलेट, कैपसूल, ड्राईसीरप ब्लूमोक्स (Blumox) निर्माता- ब्लूकोस ।
- कैपसूल, डी०टी० टेबलेट ड्राईसीरप, ड्राप्स डामोक्सी (Damoxy) निर्माता-डाबर ।
- कैपसूल, ड्राईसीरप, संस्पेंशन- मोक्स (Mox) निर्माता-रैक्सिल
- कैपसूल, ड्राईसीरप-नोडीमोक्स (Nodimox) निर्माता-अल्केम ।
- कैपसूल, ड्राईसीरप, टेबलेट, डी०टी० टेबलेट नोबामोक्स (Novamox) निर्माता- सिपला
- डी०टी० टेबलेट, ड्राईसीरप - जोवेक्स (Zovax) निर्माता- डेज
- कैपसूल, ड्राईसीरप - सिनमोक्स (Sinmox) निर्माता-एग्लोबमेड ।
- कैपसूल, किड टेबलेट, ड्राप्ससीरप - वायमोक्स (Wymox) निर्माता-वाइथ ।
- के०टी०, कैपसूल, ड्राईसीरप, ड्राप्स - ट्राईमोक्स (Trimox) निर्माता-मैप्रा।
एमोक्सीसिलीन + क्लोसासिलीन (Amoxycillin+Cloxacillin)
मोतीझरा (मियादी बुखार) की अतिशय गुणकारी औषधि है जो कैपसूल, टेबलेट, डिस्टैब, सीरप तथा इन्जेक्शन के रूप में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से बाजार में प्राप्य है।
मात्रा – वयस्क – 500-1000 मिग्रा० 3 बार प्रतिदिन 7-10 दिन तक। बच्चे- 20-40 मिग्रा० प्रतिकिग्रा० शारीरिक भारानुसार 3 बार प्रतिदिन 5-7 दिन तक ।
निषेध - अतिसंवेदिता, यकृत-वृक्क क्षति, अन्य पेनिसिलीन से एलर्जी होने पर प्रयोग निषेध है।
कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन-
- पीडियाट्रिक टेबलेट, कैपसूल, इन्जेक्शन नोवाक्लोक्स (Novaclox) निर्माता-सिपला।
- कैपसूल एडीलोक्स (Adilox) निर्माता-अल्बर्ट डेविड ।
- के०टी०, कैपसूल फ्लेमीक्लोक्स (Flemiklox) निर्माता- एफ०डी०सी०
- टेबलेट सुप्रीमोक्स-पी (Supprimox-P) निर्माता - रैक्सिल ।
- के०टी०, कैपसूल सुप्रीमोक्स (Suprimox) निर्माता-रैक्सिल ।
क्लैवुलैनिक एसिड (Clavulanic Acid)
मियादी बुखार में यह औषधि भी अत्यन्त लाभकर है जो टेबलेट, सीरप तथा इन्जेक्शन के रूप में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से बाजार में उपलब्ध है।
मात्रा – वयस्क – 1-2 ग्राम शिरान्तर्गत (I/V) 2-3 बार। बच्चे - (03 माह से 1 वर्ष) 30 मिग्रा० प्रतिकिग्रा० शारीरिक भारानुसार 2 बार (01-12 वर्ष) 30 मिग्रा० प्रतिकिग्रा० शारीरिक भारानुसार 3-4 बार।
निषेध - अतिसंवेदिता, पीलिया ।
कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायक उत्पादन-
- टेबलेट, ड्राईसीरप-क्लामोक्स (Clamox) निर्माता इंगा ।
- टेबलेट, ड्राईसीरप, इन्जेक्शन - क्लोवेम (Clavam) निर्माता-अल्केम ।
- टेबलेट, संस्पेंशन, इन्जेक्शन- क्लावोट्रोल (Clavotrol) निर्माता-एस्ट्राजेनेका ।
- टेबलेट, सस्पेंशन - कुरेम (Curam) निर्माता-नोवारटिस ।
- टेबलेट, इन्जेक्शन मोक्सक्लेव (Moxclav) निर्माता - रैक्सिल ।
कोट्राईमौक्साजोल (Cotrimoxazole)
टायफायड की यह भी उपयोगी औषधि है जो टेबलेट, इन्जेक्शन, डी०एस० टेबलेट, सस्पेंशन के रूप में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से बाजार में उपलब्ध है।
मात्रा – वयस्क – (160-80 मिग्रा० ) 2 बार प्रतिदिन 5-7 दिन । बच्चे- (6-12 वर्ष) 80+400 मिग्रा० 2 बार 5-7 दिन। (1-5 वर्ष) 40+200 मिग्रा० 2 बार 5-7 दिन । ( 6 माह से 1 वर्ष) 10+50 मिग्रा० 2 बार 5-7 दिन तक ।
निषेध-अतिसंवेदिता, यकृत-वृक्क क्षति, रक्तविकार, दुग्धावस्था, गर्भावस्था कम विकसित नवजात शिशु में (6 सप्ताह से छोटे बच्चों में) औषधि प्रयोग निषेध है।
कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन-
- टेबलेट, डी०एस० टेबलेट, इन्जेक्शन - सिपलिन (Ciplin) निर्माता-सिपला।
- टेबलेट, डी०एस० टेबलेट, संस्पेंशन एण्ट्रीमा (Antrima) निर्माता- एन०पी०आई०एल० ।
- टेबलेट, डी०एस०, सस्पेंशन - बैक्ट्रिम (Bactrim) निर्माता- पूर्ववत् ।
- टेबलेट, डी०एस० ड्राईसीरप-कोट्राईमोक्स (Cotrimox) निर्माता इंगा।
- टेबलेट, संस्पेंशन- कोम्बीना (Kombina) निर्माता- डेज ।
- टेबलेट, पीडियाट्रिक टेबलेट, सस्पेंशन-सेप्ट्रान (Septran) निर्माता-ग्लैक्सोस्मिथ क्लाइन ।
- टेबलेट डी०एस० सस्पेंशन-टेबरोल (Tabrol) निर्माता-अरिस्टो।
- टेबलेट फोर्ट टेबलेट, सस्पेंशन-टिमीजोल (Timizol) निर्माता-श्रेया।
- डी०एस० टेबलेट, सस्पेंशन - वायपाल (Wypal) निर्माता-जगसनपाल।
ज्वर कम करने के लिए पैरासीटामोल दें। दर्द, बुखार दूर करने की यह संसार प्रसिद्ध औषधि है जो टेबलेट, सीरप, इन्जेक्शन तथा ड्राप्स के रूप में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से बाजार में उपलब्ध है।
मात्रा - वयस्क 500 मिग्रा0 से 1 ग्राम प्रति मात्रा - 4 ग्राम तक प्रतिदिन बालक - ( 3 माह से 1 वर्ष तक) 60-120 मिग्रा० प्रति मात्रा, (1-5 वर्ष तक) 120- 250 मिग्रा० प्रति मात्रा (6-12 वर्ष तक) 250-500 मिग्रा० प्रति मात्रा ।
बालक - 10 मिग्रा० प्रति किग्रा० शारीरिक भारानुसार 4-6 घंटे पर पुनः दे सकते हैं।
निषेध - हाइपसेन्सीटिविटी (अतिसंवेदिता) में प्रयोग निषेध है
कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन-
- संस्पेंशन एनामोल (Anamol) निर्माता- एल्डर ।
- टेबलेट, सस्पेंशन - कैलपोल (Calpol) निर्माता-बरोज बेल्कम।
- टेबलेट, सीरप किमोल (Cemol) निर्माता-इंगा।
- किड टेबलेट, टेबलेट सस्पेंशन-कोफमोल (Cofmol) निर्माता-सी०एफ० एल० ।
- टेबलेट, सीरप, ड्राप्स - क्रोसिन (Crocin) निर्माता-ग्लैक्सोस्मिथ क्लाइन ।
- टेबलेट, सीरप, ड्राप्स - मेटासिन (Metacin) निर्माता थेमिस ।
- इन्जेक्शन - मोल (Mol) निर्माता-गुफिक।
यदि रोगी में पानी की कमी होने से 'स्तब्धता' (शॉक Shock) की स्थिति हो तो तथा वह सही प्रकार से खाना-पीना न ले रहा हो तो 'ड्रिप' (I/V-Fluids) दें।
• नार्मल सैलाइन।
• रींगर लैक्टेट ।
• 5% डेक्स्ट्रोज।
डेक्ट्रोज सैलाइन ।
स्टीरॉयड्स (Steriods)
• रोगी को विषाक्तता (टाक्सीमिया) हो किन्तु साथ में रक्तस्राव (Haemorrhage) न हो तो प्रेडनीसोलोन (Prednisolone and Hydrocortisone) एण्टीबायोटिक्स औषधि के साथ दे सकते हैं, किन्तु साथ ही साथ कम तापमान और कम रक्तचाप को सावधानीपूर्वक देखते रहना चाहिए।
उपद्रवों की चिकित्सा
• यदि रोगी की स्थिति गम्भीर हो तथा उसे मल/पाखाना के साथ रक्त आना आरम्भ हो गया हो तो रोगी को (I/V-Fluid) तथा रक्त चढ़ाना चाहिए।
रक्तस्त्राव को रोकने के लिए
- इन्जेक्शन स्ट्रेप्टोक्रोम या इन्जेक्शन क्रोमोस्टेट 2 मिली० मांसान्तर्गत या शिरान्तर्गत (I/M या I/V) दें।
- आवश्यकता पड़ने पर (Nasogastric Suction) कर देना चाहिए (जैसे- अधिक पेट फूलने पर ।)
- ऐसी स्थिति में–एनिमा, विरेचन/जुलाव की औषधियाँ मुँह की द्वारा खाना तथा 'स्टीरायड थैरेपी' नहीं देनी चाहिए।
- कभी-कभी इसके कारण रोगी में दौरे पड़ने लगते हैं, जिसके लिए उसे डाइलैण्टिन (Dilantin) तथा फिनोबार्बीटोन (Phenobarbitone) 2-12 सप्ताह तक दें, जब तक कि EEG सामान्य न आ जाये।
- अधिक पसीना आने से कभी-कभी रोगी के अनिष्ट होने की संभावना रहती है। ऐसी दशा में 'अबीर' (गुलाल) सम्पूर्ण शरीर पर मालिश करें। अथवा चूल्हे की जली हुई मिट्टी के चूर्ण की मालिश करने से भी पसीना आना बन्द हो जाता है।
- रोगी के ज्वर पर सर्वाधिक ध्यान रखना चाहिए। 103 डिग्री फारेनहाईट से ज्वर ऊपर होते ही बर्फ (आइस) के टुकड़ों को रबर की थैली (आइस बैग) में डालकर रोगी के मस्तिष्क पर बराबर रखें।
- रोगी को कब्ज़ होने की स्थिति में लिक्विड पैराफीन 16-32 मिली० तक रात को सोते समय दें। रोगी को फलों का रस (मौसमी) देते रहें ग्लिसरीन सपोजीटरी की बत्ती रोगी की गुदा में प्रविष्ट करें।
बचाव / सुरक्षा (Prevention)
टीकाकरण (Immunization)
Adult—TAb Vaccine 0.1ml. Intradermally.
RECORD
lInd Dose—Rpt. after 6 Weeks.
Booster Per year.
Child—टायफोरल कैपसूल (निर्माता-हैक्स्ट) 3 खुराक-पहले, तीसरे तथा पाँचवें दिन भोजन से 1 घंटा पहले दें।
टायफायड फीवर की पहचान
- वायरल फीवर-रक्त की जाँच द्वारा
- मलेरिया - मलेरिया का जीवाणु का रक्त में मिलने से ।
- मूत्राशय सम्बन्धी रोग-मूत्र की जाँच द्वारा।
- क्षय-रोग (T. B. ) - एक्स-रे तथा थूक की जाँच द्वारा
- रोगी को रोगोपरान्त की दुर्बलता में - फास्फोमिन आयरन टॉनिक । (Phosfomin Iron Tonic) निर्माता-साराभाई अथवा कैपसूल बीकाडेक्सामिन (Becadexamin) निर्माता- ग्लैक्सो दें।
- रोगावधि में रोगी को दूध, पानी उबाल कर ही दें तथा दलिया, खिचड़ी आदि खाने को दें।

