सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस क्या है?| What is Cervical Spondylosis?

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सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस क्या है?

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस आपकी गर्दन में स्थित रीढ़ की हड्डी के डिस्क के ख़राब होने के लिए एक सामान्य शब्द है जो आपकी उम्र के अनुसार होता है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, डिस्क डिहाइड्रेट और सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस हो जाता है।

हालांकि यह शब्द डराने वाला लग सकता है, यह काफी सामान्य है और 65 वर्ष से अधिक आयु के 85% से अधिक लोगों को प्रभावित करता है। अधिक बार नहीं, ऐसे कोई संबद्ध लक्षण नहीं होते हैं जिनसे लोग पीड़ित होते हैं। हालांकि, यदि कोई हैं, तो नॉन-सर्जिकल उपचार आमतौर पर उनसे छुटकारा पाने में प्रभावी होते हैं।

कई उपचार विकल्प हैं जो सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस में मदद कर सकते हैं, हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन विकल्पों से स्थिति से छुटकारा नहीं मिलता है, बल्कि इसके साथ जुड़े लक्षण, अर्थात् दर्द से छुटकारा मिलता है।

आपके लिए सबसे उपयुक्त उपचार विकल्प आपके दर्द की गंभीरता के साथ-साथ आपके चिकित्सा इतिहास पर भी निर्भर करेगा। मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आप बिना किसी समस्या के अपने नियमित दैनिक कार्यों को जारी रख सकें।

उपचार की पहली पंक्ति में दर्द निवारक दवाएं शामिल हैं जो काउंटर पर उपलब्ध हैं। यदि ये प्रभावी नहीं हैं, तो आप अधिक विकल्पों के लिए अपने सामान्य चिकित्सक से बात कर सकते हैं। इन विकल्पों में एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं शामिल हैं जो नॉन-स्टेरायडल, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, मांसपेशियों को आराम देने वाली, दौरे-रोधी दवाएं, एंटीडेप्रेसेंट्स और प्रिस्क्रिप्शन दर्द निवारक हैं।

फिजियोथेरेपी भी उपचार की एक पंक्ति है जिसे अक्सर एक्यूपंक्चर के साथ सुझाया जाता है। हालांकि, यदि इनमें से कोई भी काम नहीं करता है और आपकी स्थिति खराब हो जाती है, तो आपको सर्जरी से गुजरना पड़ सकता है।

 • चिकित्सा द्वारा रोगी के मांस में आई हुई शोथ (सूजन) को नष्ट/ दूर करना होता है। इसके लिए दर्द निवारक व एण्टी इन्फ्लामेटरी औषधि (यथा-ब्रूफेन 600 मिग्रा० टेबलेट, आइबूजेसिक प्लस टेबलेट, डिक्लोविन प्लस टेबलेट आदि) देना चाहिए।

• फिजियोथेरेपी - इसके अन्तर्गत रोगी को आरम्भ में सिंकाई (सेंक) बताते हैं। यदि उससे लाभ न हो तो शार्ट वेव डायाथर्मी (Short Wave Diathermy), मालिश, खिंचाव (Traction) तथा व्यायाम कराया जाता है। तदुपरान्त रोगी को 1 से 3 माह तक 'सरवाईकल कालर' पहनने का परामर्श दिया जाता है।

• शल्यक्रिया / ऑप्रेशन-इसकी बहुत ही कम आवश्यकता पड़ती है।

विशेष-

गर्दन को आराम-गर्दन को यदि कम घुमाया अथवा कम झुकाया जाये तो गर्दन को आराम पहुँचता है जिससे अन्दर की सूजन कम होने लगती है तथा रोगी को रोग से राहत मिलती है। इस हेतु साधारण कालर का उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त एक सरवाईकिल ब्रेस का भी उपयोग किया जा सकता है। यह जबड़े को सिर के पिछले भाग के साथ स्थिर रखती है, जिससे गर्दन घूमने से रुकती है।

गर्दन को पूर्णरूपेण स्थिर रखने के लिए प्लास्टर ही एकमात्र उपाय होता है (मिनरवा कास्ट)। इससे सिर, गर्दन और सीने को सम्मिलित करके प्लास्टर लगा दिया जाता है।

गर्दन की सिकाई-गर्दन को गुनगुने नमक के पानी से सिकाई करनी चाहिए। इसके लिए जल को गर्म कराकर उसमें सामान्य (रसोई में काम आने वाला) नमक डाल दें और एक तौलिया या उसी प्रकार का कोई अन्य कपड़ा लेकर गर्दन के तीनों ओर रख- रखकर (आगे की ओर छोड़कर) दिन में तीन बार सिकाई अवश्य करें। पानी सहन करने योग्य गुनगुना होना आवश्यक है।

• यदि रोगी को चक्कर आ रहे हों तो उसके लिए भी दवा देना चाहिए। इस हेतु सिनरिजिन (Cinnarizine) (पेटेण्ट व्यवसायिक नाम नीच लिखे हैं। कृपया देखें) मात्रा - वयस्क 15-30 मिग्रा० प्रतिदिन ।

• टेबलेट वर्टीरोन (Vertiron) निर्माता-सिपला ।

टेबलेट वरगो (Vergo) निर्माता-पेण्टाकेयर (अल्केम) ।

• टेबलेट वर्टिगोन (Vertigon) निर्माता - जेनो।

• टेबलेट स्टुगिरोन (Stugeron) निर्माता-इथनार ।

• टेबलेट सिनजान (Cinzan) निर्माता-एफ०डी०सी०

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