गले की आवाज बैठ जाए या खराश हो तो कैसे ठीक करें ? Gale ki aawaj baith jaye ya kharash ho to kaise thik kare in hindi

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 आज के इस पोस्ट में जानेंगे की गले की आवाज बैठ जाये या खराश हो जाये तो कैसे ठीक करे ? घरेलु नुस्के से तथा अंग्रेजी दवा से कैसे ठीक करे एक दिन में ! इस पोस्ट में बताया गया है की How to cure hoarseness or sore throat को कैसे ठीक करे वो भी अपने घर पे ! इस बिमारी को हिंदी में स्वरभंग तथा अंग्रेजी में Hoarsness कहा जाता है !



गले की आवाज बैठ जाने का लक्षण :-

गला बैठ जाने का मतलब है की आपके आवाज में परिवर्तन हो जाना जैसे की वाणी का भरी हो जाना , स्वर भंग हो जाना बोलने में असमर्थ , कंठ से भर्राई हुई आवाज निकलना ,रोगी को तीव्र गति से बोलना पड़ता है , बोलते समय रोगी का आवाज फट जाना , स्वर कभी ऊचां कभी निचा हो जाना , रोगी अपने आवाज को धीमी गति से बाहर नहीं निकल पाता है ! ये सब लक्षण हो सकते है गले की आवाज बैठने वाले रोगी की ! 

गले की आवाज बैठ जाने का कारण :- 

गले की आवाज बैठने के कई कारण हो सकते है जिनमे से मुख्य कारण ये सब हो सकते है जैसे की - बहुत अधिक चीखना-चिल्लाना, उच्च स्वर में क्रोध करना , ठण्ढे के ऊपर एकाएक गर्म पदार्थ खा-पी लेना , अत्याधिक सर्दी का प्रकोप , गर्मी की आधिकता , वर्षा में भींगना व सर्दी लगना, मिठाइयाँ अधिक खा लेना , वायु प्रणाली का संकीर्ण हो जाना , फ्रिज का पानी पीने के बाद एकाएक तीव्र धुप में निकल जाना इनमे से कोई कारण हो सकता है आपके गले की आवाज बैठ जाने का !

गले की आवाज बैठ जाए तो कैसे ठीक करें ?

यदि आपके गले की आवाज बैठ जाये तो आप अपने घर पर भी इसे ठीक कर सकते हैं ! 
1. नमक के पानी से गरारे करने से :-  एक से दो गिलास पानी को गर्म करे और उसमे एक चुटकी नमक दाल के फिर उससे गरारे करे 3 से 4 बार , जिससे काफी आराम मिलता है !
2. मेथी के दाने और सेंधा नमक से गरारे करने से:- एक से दो गिलास पानी में एक चुटकी मेथी के दाने तथा एक चुटकी सेंधा नमक दाल के उसे खूब खोलने दे जब तक की एक गिलास पानी न बचे ! फिर उसे थोड़ा ठंढा होने दे जिससे की गरारे करने में आसानी हो फिर उससे गरारे करे 3 से 4 बार , ये नुस्का काफी हद तक आराम दिलाता है ! 
3. चूसने वाले औषधियों का प्रयोग :- जैसे की Vicks Chocklet  
4. फिटकरी के पानी से गरारे :- फिटकरी को पानी में घोल के उसे काफी हद तक गर्म करे और फिर उससे गरारे करे ! 
5. गर्म पानी की थैली से गले की सेंक करने से भी गले की आवाज वापस आ जाती है ! 
6. जिंजर/अदरख को पका के उसके छिलके को छुरा के उसपे काली नमक लगाके उसे चूसने से इस रोग से निदान पाने में काफी मदद मिलती है ! 

गला बैठने की आयुर्वेदिक दवा

1. नमक के पानी से गरारे करने से
2. मेथी के दाने और सेंधा नमक से गरारे करने से
3. चूसने वाले औषधियों का प्रयोग
4. फिटकरी के पानी से गरारे 
5. गर्म पानी की थैली से गले की सेंक करने से भी गले की आवाज वापस आ जाती है ! 
6. जिंजर/अदरख को पका के उसके छिलके को छुरा के उसपे काली नमक लगाके उसे चूसने से इस रोग से निदान पाने में काफी मदद मिलती है ! 
7. रोगी को हलके सुपाच्य भोजन करने दे ! तीखे मिर्च-मसाले रोगी को निषेध करे ! 
8. रोगी को कब्ज हो तो कब्ज नाशक औषधि दे ! 
9. दालचीनी के पाउडर में सहद मिलाके उसे लें !
10. काली मिर्च को मुंह में 5-6 दाने को चुसे जिससे गले की खराश ठीक हो जाता है !  

गला बैठने की अंग्रेजी दवा

गला बैठने की अंग्रेजी दवा को use करने से पहले अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करे ! हम आपको जानकारी के लिए कुछ मेडिसिन के बारे में बताता हूँ !
  1. पेण्टिडस 2 लाख यूनिट (Pentids ) निर्माता-साराभाई। 1-1 गोली दिन में 3 बार सेवन करायें।
  2. कैपसूल फैक्सिन (Phexin) निर्माता-ग्लैक्सो। आयुनुसार 250-500 मिग्रा० का 1 कैपसूल दिन में 3 बार दें।
  3. विक्सलोजेन्जेज टेबलेट (Vicks Logenges) निर्माता-विक्स कम्पनी। 1-1 लोजेन्जेन्स दिन में 3-4 बार चूसने को कहें।
  4. टेबलेट स्ट्रेप्सिल्स (Sterpsils) निर्माता-बूटस। 1-1 गोली दिन में 4-5 बार चूसने को कहें।
  5. पिरिटोन एक्सपेक्टोरेन्ट (Piriton Expectorant) निर्माता-ग्लैक्सो। 1-2 चम्मच दिन में 3-4 बार सेवन करायें।
  6. वेन्टोरलिन एक्स पेक्टोरेण्ट (Ventorlin) निर्माता-ग्लैक्सो। 2 चम्मच दिनमें 3-4 बार दें। (बच्चों को आयुनुसार दें।
  7. ग्रीलिंक्टस (Grilinctus) निर्माता-फ्रेन्कोइण्डियन। 1-2 चम्मच दिन में 3-4 बार दें। बालकों को आधी मात्रा में दें।
  8. इन्जेक्शन एमक्लोक्स (Amclox) निर्माता-वाल्टर वुशनैल, बायोक्लोक्स (Bioclox) निर्माता-वायोकेम,
  9.  एम्पोक्सिन (Ampoxin) निर्माता -यूनिकेम, एरिस्टोसिलीन (Aristocillin) निर्माता- एरिस्टो, कानसिन (Kancin) निर्माता एलेम्बिक आदि का उचित मात्रा में प्रयोग हितकर है!
  10. टेबलेट सेप्ट्रान (Septran) निर्माता जी०एस०के० 1-1 गोली दिन में 3-4 बार दें।
  11.  टेबलेट, सीरप इरोएट (Eroate) निर्माता-लूपिन (यह इरिथ्रोमाइसिन है।) 30- 50 मिग्रा० प्रतिकिग्रा० शारीरिक भारानुसार प्रतिदिन विभाजित मात्राओं में दें।                                                                                                          
Warning:- इनमे से कुछ दवाइयों को उपयोग किया जाता है गले की आवाज बैठ जाये या खराश हो तो उससे निजात दिलाने में लेकिन वो पेशेंट को देखने के बाद Doctor जरुरत के हिसाब से दवाई चलाता है ! इसीलिए अंग्रेजी दवा use करने से पहले doctor से मिले क्युकी अंग्रेजी दवा Reaction करता है जिससे patient की जान तक जा सकती है !

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