दोस्तों इस पोस्ट में बताया गया है की आपके किसी भी अंग में अगर घाव में कीड़े पड़ जाये तो कैसे ठीक करे ? इन समस्याओ का निदान कैसे करे उसके बारे में बताया गया है !
घाव में कीड़े पड़ जाने के कारण लक्षण और इलाज/Symptoms and treatment due to worms in the wound
- घाव/जख्म के आसपास खांड के दानें छोड़ देने से पिल्लू खाने के लोभ लालच में बाहर आते हैं जिन्हें चिमटी (स्टेर्लाइज्ड) से पकड़कर 1-1 करके बाहर निकाला जाता है।
- घाव के पार्श्व भाग में अथवा समीप में टपेण्टाइन ऑयल की रुई की भिगोई हुई फुरहरी रखी जाती है जिसकी तीव्र गन्ध से पिल्लू व्याकुल होकर बारह निकलकर घाव पर रखी हुई रुई में चिपक जाते हैं जिन्हें विसंक्रमित (स्टेलाईज्ड) चिमटी से पकड़कर बाहर निकाल लिया जाता है।
- घाव में कार्बोलिक एसिड (फेनो०) का 0.5 से 1% लैतीय लोशन डालकर रुई रख दी जाती है जिसमें पिल्लू मर-मर कर (श्वास लेने के लिए बाहर आकर ) रुई पर चिपक जाते हैं। इन्हें चिमटी से निकाल कर त्वचा व मासं की एण्टीसेप्टिक लोशन से विसंक्रमित कर लिया जाता है।
- समस्त कीड़े/पिल्लू तथा अण्डे निकल जाने के बाद घाव की त्वचा व मांस की सेटाब्लान कन्सेण्ट्रेट (निर्माता- आई०ए०एल०) कर लिया जाता है। तब इसमें इसी कम्पनी द्वारा निर्मित 'सेटाब्लेक्स क्रीम' के द्वारा पट्टी (बेंडेड) कर दी जाती है तथा आसपास की त्वचा को साफ-स्वच्छ कर दिया जाता है।
- कैम्पीसिलीन इंजेक्शन (Campicillin) निर्माता- कैडिला । रोगी की आयु और सामर्थ्य शक्ति एवं आवश्यकतानुसार 250 या 500 मिग्रा० या 1 ग्राम का इंजेक्शन मांस में प्रत्येक 8 से 12 घंटे के अन्तराल से लगायें ।
- सेप्ट्रान टेबलेट (Septran) निर्माता जी०एस०के० । वयस्क रोगी को 1 टिकिया एवं पेण्टिड्स (Pentids ) निर्माता-साराभाई। 4 लाख I. V. वाली 1 टिकिया 1 मात्रा । ऐसी 1-1 मात्रा प्रत्येक 6 से 12 घंटे बाद पर्याप्त जल से सेवन करायें।
सावधानी – सल्फोनामाइड की एलर्जी में प्रयोग निषेध है।
- टेबलेट ई० मायसिन (E-mycin) निर्माता-थेमिस । वयस्क को सामान्यतः 30 से 50 मिग्रा० प्रतिकिलोग्राम शारीरिक भारानुसार प्रतिदिन विभाजित मात्राओं में सेवन करायें।
- मैग्नासिलीन कैपसूल, ड्राई सीरप, इंजेक्शन (Magnacillin) निर्माता-मैप्रा । वयस्कों को 500 मिग्रा० से 1 ग्राम 3-4 बार प्रतिदिन 7 से 14 दिन तक अधिकतम मात्रा 6 ग्राम प्रतिदिन बच्चों को 125 से 350 मिग्रा० 3-4 बार प्रतिदिन सेवन करायें।

