दाद, खाज या खुजली से हैं परेशान तो अपनाये ये उपचार /Ringworm, Itching Worried then follow these remedies

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दाद त्वचा/Ringworm Cream पर होने वाली पीड़ादायक समस्याओं में से एक है। इसमें खुजली आती है और यह बहुत जल्दी फैलता भी है। दाद होने पर किसी भी काम में मन लगाना मुश्किल हो जाता है और ध्यान हमेशा दाग वाली जगह पर ही रहता है। वहीं, आयुर्वेद, दाद के ऐसे समाधान पेश करता है, जो इस त्वचा रोग से राहत देने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से स्ट्राइलक्रेज के इस लेख में हम दाद का घरेलू उपचार क्या हो सकता है, इसके बारे में विस्तार से बताएंगे। 

 यहां हम दाद होने के कारण के साथ ही इससे बचाव के तरीके भी बताएंगे।

  1. रोगी को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का परामर्श दें। अपने पहने हुए मुख्यतः भीतरी कपड़ों-अण्डरवियर, बनियार को उबलते पानी में भली प्रकार डुबो-डुबोकर (चिमटा आदि की सहायता से) प्रतिदिन अवश्य धोवें।
  2. आक्रान्त स्थान पर बाजारू साबुन का प्रयोग न करें।
  3. ग्राइसोफुल्लिवन 500 मिग्रा० प्रतिदिन रोगी को पूर्णरूपेण आराम न होने तक
  4. सेवन करायें। (लगभग 5-6 माह तक औषधि सेवन कराना पड़ता है।)
  5. नाखूनों के दाद में ग्राइसोफुल्लिविन का 3-4 माह तक मुख द्वारा (ओरल) प्रयोग करायें। नाखून को तेज चाकू, कैंची या सर्जिकल ब्लेड्स से खुरचकर दिन में कई बार - 'कार्बोलिक एसिड' का प्रयोग करना लाभकर रहता है।
  6. सिर के दाद में साबुन+रैक्टीफाइडस्प्रिट दाद पर लगाकर साफ करायें। बाद में दाद पर 'काडलीवर ऑयल' लगाने का परामर्श दे। इसे रगड़कर लगायें या सैलीसिलीक एसिड आयन्टमेन्ट 5% का प्रयोग करें। 'डर्मासल्फ' का प्रयोग अति उत्तम है।
  7. लसिका पर्व शोथ ज्वर आदि की दशा में उचित ज्वरघ्न (एण्टीपाइरेटिक्स) तथा एण्टीबायोटिक औषधि दें।
  8. पैर के दाद में पैरों को भली प्रकार धो-पौंछकर डिपसैलिक आइण्टमेन्ट (Dipsalic Ointment) निर्माता-फुलफोर्ड लगायें ।

सावधानियाँ-

  1. रोगी को बाद में सूती मोजे (जुर्राब) पहनायें। नायलोन तथा प्लास्टिक के जूते रोगी को न पहनने का आदेश दें।
  2. रोगाक्रान्त भाग को साफ-स्वच्छ तथा शुष्क करके 'बी-टेक्स (B. Tex) मलहम लगायें।
  3. चिकित्सक अपनी प्रैक्टिस (अभ्यास) के लिए 3% सैलीसिलिक एसिड अथवा 1 गोली एस्प्रिन में शुद्ध/अच्छी वैसलीन 25 ग्राम मिलाकर मलहम तैयार कर लगावें। मल्टीफंगिन ट्यूब या पाउडर (अथवा 'माइकोडर्म पाउडर (Mycoderm) निर्माता एफ०डी०सी० लगायें ।
  4. टोलनेफ्टेट (Tolnaftate) यह स्थानीय कवक नाशक (लोकल एन्टीफंगल है।) जिसका उपयोग दाद तथा एटलीट फुट में सफलतापूर्वक किया जाता है। प्रभावित स्थान पर 2-3 बार प्रतिदिन लगायें ।
  5. औषधि को आंख या मुख में न जाने दें।
  6. दो वर्ष से छोटे बच्चों में औषधि सावधानीपूर्वक प्रयोग करें।

कुछ पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन:-

  1. टीनिया सोल्युशन (Tinaderm) निर्माता-फुलफोर्ड ।
  2. टीनियाडर्म - एम० क्रीम (Tinaderm-M Cream) निर्माता - फुलफोर्ड 
  3. टोलबेट क्रीम (Talbet Cream) निर्माता-सी०एफ०एल० ।
  4. टोलसोल सोल्यूशन (Talsal) निर्माता-जगसन पाल।
  5. क्वाडरीडर्म क्रीम (Quadriderm) निर्माता-फुलफोर्ड ।
  6. क्यूसिस क्रीम (Quiss) निर्माता - जगसनपाल
  7. क्लोट्राइमाजोल (Clotrimazole) यह भी स्थानीय कवक नाशक (Local Anti Fungal) है। इसका उपयोग त्वचा व बाल के कवक संक्रमण, योनि मोनिलिएएसिस तथा दाद में किया जाता है। औषधिको प्रभावित स्थान पर प्रतिदिन 2-3 बार आवश्कयतानुसार 4 सप्ताह तक लगायें ।

कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन:-

  1. कैण्डिड क्रीम, लोशन, पाउडर (Candid) निर्माता- ग्लेनमर्क।
  2. क्लेकरिम क्रीम (Calcream) निर्माता - रेप्टाकोस
  3. एबजोर्ब पाउडर (Abzorb) निर्माता-क्रासलैण्ड्स ।
  4. कैनाजोल क्रीम (Canazole) निर्माता- लूपिन ।
  5. कैनडीप क्रीम (Candeep) निर्माता- मेडीस्पान ।
  6. कैण्डिड जैल (Candid Gel) निर्माता- ग्लेनमर्क।
  7. मायकोडर्म-सी (Mycoderm-C) पाउडरनिर्माता एफ०डी०सी० । 
  8.  ट्राइजोल क्रीम (Trizol) निर्माता-फ्रैन्कलिन ।
  9. सर फेज क्रीम, लोशन (Surfaz) निर्माता-फ्रेन्को इन्डियन

ग्रीसियोफुल्विन (Griseofulvin)

यह 'एण्टीफंगल' है। जिसका उपयोग दाद (त्वचा कवच संक्रमण), सिर व नाखूनों का कवक संक्रमण, टीनिया कारपोरिस, टीनिया क्रूरिंस, टीनिया पीडिस, टीनियाकैपीट्स, टीनिया अग्वियम तथा टीनिया बार्बी में किया जाता है। यह औषधि टेबलेट के रूप में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से बाजार में उपलब्ध है।
मात्रा - (वयस्क) 500-1000 मिग्रा० मात्रा 1 बार खाने के साथ । (बच्चे ) - 10 मिग्रा० प्रतिकिग्रा० शारीरिक भारानुसार 1 बार प्रतिदिन! 

सावधानी- गर्भावस्था में औषधि प्रयोग निषेध है।

कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन:-

  1. टेबलेट वाल्विन (Walavin) निर्माता-वालेस ।
  2. टेबलेट डर्मोनोर्म (Dermonorm) निर्माता- एलेनबरीज ।
  3. टेबलेट ग्राइसोविन एफ०पी० (Grisovin-FP) निर्माता-ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन । 
  4. टेबलेट ग्राइसेक्टिन फोर्ट (Grisactin Forte) निर्माता -सी०एफ०एल० फार्मा ।
  5. टेबलेट फुलविन फोर्ट (Fulvin) निर्माता-ड्रेमाटेक ।
  6. टेबलेट ग्राइसो फोर्ट (Graso) निर्माता- डायनामिक लैब
  7. टेबलेट ग्राइस - ओ०डी० (Gris-OD) निर्माता- डा० रेड्डीज लैब 
बालों (हेयर्स) के इन्फेक्शन में औषधि 8-12 सप्ताह तक तथा नाखूनों के इन्फेक्शन में 2-4 माह तक रोगी को सेवन कराते हैं। - जिन रोगियों में ग्रीसियोफ्लविन का प्रभाव नहीं होता है उनको कीटोकोनाजोल 200 मिग्रा 4-6 सप्ताह तक देते हैं। कीटोकोनाजोल (Ketoconzole) यह भी एण्टीफंगल औषधि है जिसका उपयोग सिस्टमिक कवक संक्रमण (यथा- कैण्डीडायसिस (मोनिलिएसिस), ओरल थ्रश, जीर्ण म्यूकोकुटेनियस कैण्डिडाय-सिस, ब्लास्टो माइकोसिस, हिस्टोप्लाज मोसिस, डर्मेटोफाइटोसिस, डीसाइकोसिस (गहन कवक संक्रमण) में किया जाता है। यह औषधि टेबलेट के रूप में बाजार में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से उपलब्ध हैं।

मात्रा - (वयस्क) - 200 मिग्रा० 1-2 बार प्रतिदिन 4 सप्ताह से 6 माह तक । (बच्चे) -(2 वर्ष की आयु से ऊपर) -3-6 मिग्रा० प्रतिकिग्रा० शारीरिक भारानुसार एक बार, एक मात्रा ।

कुछ प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन

  1. टेबलेट फंगीसाइड (Fungicide) निर्माता-टोरेण्ट ।
  2. टेबलेट केनाजोल (Kenazol) निर्माता-पी०सी०आई० ।
  3. टेबलेट कीटोजोल (Ketozole) निर्माता-रैक्सिल ।
  4. टेबलेट, आइन्टमेन्ट फाइटोरल (Phytoral) निर्माता - ब्राऊन एण्ड बुर्क ।

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