अगर शरीर से ज्यादा पसीना आता है तो उसे ठीक करने के लिए निचे बताया गया है की कोन से दवाई use करनी चाहिए इसे ठीक करने के लिए !
Hyperidrosis /पसीने की अधिकता का इलाज :-
- रोगी को प्रतिदिन गर्म पानी और साबुन से स्नान करने के लिए कहें। स्नानोपरान्त शरीर को साफ-स्वच्छ तौलिया से भलीभांति शुष्क करके सैलीसिलीक एसिड 900 मिग्रा०, टेल्काम पाउडर 30 ग्राम में मिलाकर चर्म पर छिड़कें।
- यदि पांव पर अधिक पसीना आता हो तो पोटाशियम परमैंगनेट 250 मिग्रा० सवा लीटर जल में मिलाकर उस लोशन से पांव धोयें। • यदि फेफड़ों की क्षय के कारण रात्रि में पसीना आता हो तथा कमजोरी बढ़ती जाती हो तो लाइकर एट्रोपीन (Liq. Atropine) एक बूंद पानी में मिलाकर रोगी को पिलायें। इससे 2-3 दिन के लिए पसीना आना बंद हो जाता है।
- यदि रोगी संवेदनशील स्वभाव का हो तो फेनोबार्बीटोन 30 मिग्रा० प्रतिदिन खिलायें ।
- क्षय जन्य क्षीणता में पसीना दूर करने के लिए इंजेक्शन एम्बिरट्रीन (Ambistryn) निर्माता-साराभाई या स्ट्रेप्टोनेन्स (Sterptonex) निर्माता-फाईजर। दोनों में से किसी एक का ½ से 1 ग्राम का 1 इंजेक्शन प्रतिदिन मांस में लगायें तथा आइसोनेक्स टेबलेट (Isonex) निर्माता- फाईजर। 100 मिग्रा० की ½ से 1 टिकिया दिन में 2 बार (सुबह- शाम) खिलायें
- कमजोरी के कारण पसीना अधिक आने में डेक्स्ट्रोज 25% का 50 मिली० औषधि में विटामिन-सी पेटेण्ट व्यवसायिक नाम सेलिन इंजेक्शन (Celin) निर्माता- ग्लैक्सो या रेडोक्सोन इंजेक्शन (Redoxon) निर्माता - रोश का 5 मिली० (500 मिग्रा० ) का एम्पूल मिलाकर धीरे-धीरे शिरा में इंजेक्शन लगायें साथ ही विटामिन-बी काम्पलेक्स सीरप (B.Complex Syrup) निर्माता-ग्लैक्सो या बीकोसूल्स सीरप (Becosulas) निर्माता- ग्लैक्सो । 1-2 छोटे चम्मच दिन में 2 बार भोजनोपरान्त सेवन करायें।
- स्नायु विकार के कारण पसीना अधिक आने पर हाइपोबेटा-20 (Hypobeta- 20) इंजेक्शन निर्माता - मैरिण्ड। 1 से 2 मिली० गहरे मांस में इंजेक्शन लगायें। बीकाडेक्सामिन कैपसूल (Becadexamin) निर्माता - ग्लैक्सो । 1 कैपसूल सुबह-शाम खिलायें तथा भोजनोपरान्त बी०जी० फास इलिक्जिर (B.G. Phos Elixir) निर्माता-मैरिण्ड 10 से 15 मिली० दिन में 3 बार भोजन से पूर्व सेवन करायें। दुर्बलता, तंत्रिका संस्थान की कमजोरी, स्मरणशक्ति की कमी, धातु क्षीणता आदि के कारण पसीना आधिक आने में इयुनोवा सीरप (Eunova) निर्माता-जर्मन रेमेडीज वयस्कों को 15 मिली० तथा बच्चों को 5 मिली० दिन में 2 बार दें।
- वृद्धजनों में अधिक पसीना आने पर अधिक दुर्बलता, शरीर का जर्जर हो जाने में अधिक पसीना आने पर कैपसूल मायएडेक (Myadec) निर्माता-पी०डी०।1 कैपसूल प्रतिदिन अथवा आवश्यकतानुसार सेवन करायें।

