किसी भी व्यक्ति के रक्त चाप की सामान्य मात्रा 120/80 होना चाहिए। जब किसी भी इंसान का ब्लड प्रेशर 90/60 से नीचे चला जाता है, तो इस अवस्था को लो बीपी या हाइपोटेंशन कहते है।
हाइपरटेंशन के कारण क्या होता है?
हाइपरटेंशन के कारण क्या हैं? विशेषज्ञ कहते हैं कि हाइपरटेंशन का मुख्य कारण तनाव और अनियंत्रित खानपान होता है। इसके अलावा मोटापा, नींद की कमी, तैलीय पदार्थों का अधिक सेवन और नमक का अधिक सेवन भी इसके कुछ अन्य कारण हो सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि अपनी डाइट पर ध्यान दें।
ब्लड प्रेशर सबसे ज्यादा कब होता है?
आमतौर पर, किसी व्यक्ति के जागने से कुछ घंटे पहले रक्तचाप बढ़ना शुरू हो जाता है। यह दिन के दौरान बढ़ना जारी रखता है, दोपहर में चरम पर होता है । रक्तचाप आमतौर पर दोपहर और शाम को गिरता है। रात को सोते समय रक्तचाप आमतौर पर कम होता है।
लो ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हैं – Low Blood Pressure Symptoms
चक्कर आना
बेहोशी आना
धुंधला दिखना
जी मिचलाना
थकान महसूस होना
एकाग्रता में कमी महसूस होना
• रोगी को पूर्ण विश्राम करायें तथा स्वास्थ्य के कारण पर ध्यान दें।
• रोगी को अधिक प्रोटीन युक्त भोजन दें। भोजन में नमक की मात्रा अधिक दें। हृदय धड़कन की गड़बड़ी अथवा हृदय संस्थान के अत्यधिक कमजोर होने की दशा में एवं उसके अवसाद को मिटाने हेतु शक्ति प्रदायक औषधियाँ (टानिक) की व्यवस्था करें।
• रोगी को कब्ज न होने दें। मानसिक विकारों से बचायें। रोग के मूल कारण का पता लगाकर उसकी चिकित्सा करें।
• रोगी को एक गिलास (20 मिली०) ताजा पानी में 2 चम्मच भर ग्लूकोज पाउडर तथा » (चौथाई) चम्मच भर बारीक पिसा हुआ नमक भली प्रकार मिलाकर दिन में कई बार सेवन करायें। इससे रोगी को आराम मिलोगा। चाय में भी नमक मिलाकर दे सकते हैं।
• रोगी को अधिक समय तक खड़ा न रहने दें।
• रक्तचाप अधिक कम होने पर रोगी को शिरामार्ग द्वारा (I/V) सेलाइन, ग्लूकोज, सेलाइन एवं विटामिन का इन्जेक्शन दें। यह सब निरन्तर तब तक दें जब तक कि रोगी की दशा सामान्य न हो जाये।
• यदि रोगी को हाइपोटेंशन का कष्ट खून निकलने के कारण से हो तो रोगी को शीघ्र खून चढ़वायें। इस हेतु उसे अस्पताल भेजें। साथ में रोगी को विटामिन्स (औषधियाँ) दें, यथा-
-कैपसूल कोबाडेक्स फोर्ट (Cobadex Forte) निर्माता-ग्लैक्सो । 1 कैपसूल प्रातः-सायं अथवा दिन में 1 बार ।
-कैपसूल बीकासूल (Becasuale) निर्माता-फाईजर 1 कैपसूल सुबह-शाम ।
• कैपसूल, सीरप रिवाइटल (Revital) निर्माता- रैनबैक्सी।1 कैपसूल सुबह-शाम अथवा 1 कैपसूल प्रतिदिन । सीरप-वयस्कों को 2 चम्मच बच्चों को 1 चम्मच सुबह नाश्ता के बाद ।
इन्जेक्शन न्यूरोबियोन (Neurobion) निर्माता-मर्क। 3 मिली० मांसपेशी में (I/M) दें।
• इन्जेक्शन आप्टीन्यूरोन (Optineuron) निर्माता- लूपिन । 3 मिली० मांसपेशी गत (I/M) दें।
• इन्जेक्शन डेक्सोना (Dexona) निर्माता -जायड्स कैडिला । 2 मिली० (8 मिग्रा० ) शिरान्तर्गत या मांसपेशी में (I/V या I/M) ब्लडप्रैशर अधिक कम होने की दशा में प्रयोग करें। अन्य लाभकारी औषधियाँ
• इफेड्रीन सल्फेट (Ephedrine Sulphate) 45 मिग्रा० की मात्रा में टिकिया दिन में 3 बार दें।
• बीकाडेक्सामिन कैपसूल (Becadexamin) निर्माता-ग्लैक्सो । 1 कैपसूल प्रतिदिन दें।
• हीमअप सीरप (Heam-UP) निर्माता-कैडिला । 2-3 चम्मच भोजन से पूर्व सेवन करायें ।
• इन्जेक्शन डोकाबोलिन (Docabolin) निर्माता- आर्गेनन । एक मिली० का एम्पूल/ इन्जेक्शन सप्ताह में 1 बार। (कुल 4-6 इन्जेक्शन पर्याप्त हैं ।)
• मल्टीविटामिन (एम०बी०आई०) इन्जेक्शन (MultiVitamin-M.V.I.) इन्जेक्शन निर्माता-यू०एस०वी० 10 मिली० (1 एम्पूल) 500 मिली० डेक्सट्रोज अथवा सेलाइन में घोलकर I/V इन्फ्यूजन रूप में सावधानीपूर्वक धीरे-धीरे दें।

