सोरायसिस क्या है?
- सोरायसिस त्वचा की वह स्थिति है जिसमें त्वचा की कोशिकाएं असामान्य स्तर पर बढ़ने लगती हैं। आमतौर पर, कोशिका पुनर्जनन(सेल रीजेनेरेशन) होता है और मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ संतुलन बनाता है। चूंकि त्वचा की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित होने लगती हैं, वे आपकी त्वचा के ऊपर तक उठती हैं और सफ़ेद स्केल्स से ढकी लाल प्लाक को पीछे छोड़ते हुए मर जाती हैं।
- वे आम तौर पर घुटनों, कोहनी और कभी-कभी आपके स्कैल्प में होते हैं। त्वचा की कोशिकाओं के असामान्य व्यवहार करने के कई कारण हैं। सामान्य कारण यह है कि वे आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली(इम्म्यून सिस्टम) के प्रदर्शन के तरीके से जुड़े होते हैं।
- इस बीमारी की विशेषता है: त्वचा की कोशिकाओं के सामान्य विकास की तुलना में 10 गुना अधिक तेजी से बढ़ना। जैसे-जैसे मृत अंतर्निहित कोशिकाएं त्वचा की सतह तक पहुंचती हैं, उनके विशाल संचय के कारण उभरे हुए, लाल प्लाक होते हैं जो सफेद स्केल्स से ढक जाते हैं। यह रोग आमतौर पर कोहनी, घुटनों और स्कैल्प पर होता है।
- सोरायसिस हथेलियों, टोरसो और पैरों के तलवों को भी प्रभावित कर सकता है। सोरायसिस, कभी-कभी सोरियाटिक आर्थराइटिस से जुड़ा पाया जा सकता है, जिससे जोड़ों में सूजन और दर्द होता है। ऐसा अनुमान है कि भारत में सोरायसिस से पीड़ित 10 से 30 प्रतिशत लोग सोरियाटिक आर्थराइटिस से भी पीड़ित हैं।
- इलाज का लक्ष्य पपड़ी और त्वचा की सबसे ऊपरी कोशिकाओं को तेज़ी से बढ़ने से रोकना होता है. स्थानीय मरहम, प्रकाश चिकित्सा (लाइट थेरेपी) और दवाओं से राहत मिल सकती है.
इस रोग की तीव्रावस्था में कैलेमिन लोशन अथवा जिंक क्रीम लगाने से रोगी को लाभ होता है।
- चिरकारी (क्रोनिक) केसों में पैचों के ऊपर की पर्पटियों को हल्के खरोंच से हटाकर उनके ऊपर सैलिसिलिक एसिड और कच्चा अलकतरा मिला हुआ मरहम लगाना हितकर है।
- खोपड़ी के ऊपर, कक्षा अथवा स्तन की निचली सतह के पैचों पर बीटामेथासोन मेलिएट का स्थानीय लेप लगाना लाभकारी है। स्थानीय कार्टिजोन के साथ मुख द्वारा (ओरल) कार्टिजोन देने से और भी अधिक लाभ होता है।
- हथेली या पैर के तलुवों (सोल) पर हुए पैचों के लिए उपस्थ एक्स-रे चिकित्सा देने की आवश्यकता होती है।
- सब औषधियों के देने के साथ ही साथ विटामिन्स (मुख्यतः विटामिन-ए, बी- काम्पलेक्स और विटामिन-सी) का दिया जाना आवश्यक होता है।
- 5 मिली० मिल्क इन्जेक्शन (Milk) या Autohaemo Therapy में 10 मिली रक्त को 4-5 बार देने से इस रोग में लाभ होते देखा जाता है।
प्रेडनीसोलोन (Prednisolone) (पेटेण्ट व्यवसायिक नाम-वायसोलान टेबलेट (Wysolan) निर्माता-वाइथ। 15 मिग्रा० को 3-7 दिन तक देने से इसमें बहुत लाभ होता है। Triamcinolone (पेटेण्ट व्यवसायिक नाम-केनाकोर्ट (Kenacort) निर्माता स्क्बिब से भी ऐसा ही होता है। इसे 10 मिग्रा० दैनिक मात्रा में 2 सप्ताह देकर फिर 12 मिग्रा० दैनिक करके क्रमशः कम करना चाहिए। इसके Intralesional Injec से भी लाभ होता है। चार बार 5 मिग्रा० बेटनेलान (Betnelan) निर्माता-ग्लैक्सो के अन्तः प्रयोग से भी लाभ हो जाता है।
इस रोग में चिन्ता न करने से तथा प्रसन्न रहने से भी यह रोग ठीक होने लगता है। (रोगी को यदि कोई मानसिक आघात प्रतीत हो तो उसका भी प्रत्युपाय करना आवश्यक है।) इस प्रयोगार्थ रोगी को भोजन के बाद » ग्रेन फीनोबार्बीटोन (Phenobar- bitone) अथवा डायजीपाम (Diazepam) (पेटेण्ट व्यवसायिक नाम-काम्पोज टेबलेट (Campoes) निर्माता- रैनबैक्सी। 1-1 गोली दिन में 2 बार देनी चाहिए।
- Methotrexate 25 मिग्रा० 1 गोली के 6 दिन देने से तथा फिर 10 दिन बाद 6 दिन देने से भी लाभ हो जाता है।
- स्थानीय प्रयोग के लिए (यदि रोग नया व तीव्र हो तो) कैलेमाइन लोशन (Calamine Lotion) या स्टार्च लोशन अथवा 20% जिंकआक्साइड (Zinc Oxide) प्रलेप में 5% Liquor Picis Carbonis मिलाकर लगाना चाहिए।
- जब यह रोग मध्यम रूप (Subacute) में हो तो सैलीसिलीक (Salicylic) से निर्मित डेरोबिन आयन्टमेन्ट (Deobin Ointment) निर्माता-ग्लैक्सो अथवा (Derobin with Hydrocortsone) डेरोविन विद हाइड्रोकोर्टिसोन का मलहम प्रयोग करना चाहिए।
- काटिकोरेरायड्स (Corticosteroids) (बेटनेलॉन/Betnelan) आदि के 25-50% के स्थानिक प्रलेप भी इस रोग को हटाते हैं।
- केनाकोर्ट की 25% मलहम से भी ये चकत्ते ठीक हो जाते हैं।
- Mechlorethanine 10 मिली० को 50 मिली० पानी में घोलकर ब्रश से चकत्तों पर प्रतिदिन लगायें। 8-10 दिन में चकत्ते लुप्त हो जाते हैं।
अन्य उपयोगी नवीन पेटेण्ट एलोपैथिक औषधियाँ
डाइथानोल (Diathranol)
यह औषधि-मलहम (आयन्टमेन्ट) के रूप में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से बाजार में उपलब्ध हैं। मात्रा - प्रभावित स्थान पर एक उचित सान्द्रण वाली आइण्टमेन्ट प्रतिदिन 1 बार लगायें। (निम्न सान्द्रण वाली आयण्टमेन्ट 0.1-0.5% तथा उच्च सान्द्रणवाली आयन्टमेन्ट-1%) ।
प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन
- सोरिनोल आयन्टमेन्ट (Psorinol) निर्माता- इनोवा (इपका) ।
- डेरोबिनस्किन आयन्टमेन्ट (Derobin) निर्माता-ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन
- सोरेलीन (Psorelen) यह भी एण्टीसोरायटिक (Anti Psoriatic) औषधि है, जो टेबलेट, आयन्टमेन्ट तथा लोशन के रूप में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से बाजार में उपलब्ध है। इसका उपयोग अपरस (सोरायसिस), त्वचा पर सफेद चकत्ते तथा सफेद कोढ़ (ल्यूकोडर्मा) में किया जाता है।
प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन
- मेनाडर्म टेबलेट/आयन्टमेन्ट (Manaderm) निर्माता-वाइथ
- नियोसोरालीन टेबलेट, लोशन (Neosoralen) निर्माता-मैक
- मेलेनोसिल टेबलेट, सोल्युशन (Melanocyl) निर्माता-फ्रेन्कोइण्डियन ।
कैल्सीपेट्रिओल (Calcipotriol)
यह भी अपरस रोधी औषधि है जो आयन्टमेन्ट के रूप में बाजार में विभिन्न पेटेण्ट व्यवसायिक नामों से उपलब्ध है। इसका उपयोग प्लाकयुक्त सोरिएसिस तथा मुंहासे में किया जाता है। प्रभावित स्थान पर प्रतिदिन 2 बार लगायें। अधिकतम मात्रा 100 ग्राम प्रति सप्ताह ।
प्रमुख पेटेण्ट व्यवसायिक उत्पादन
- डाइवोनेक्स आयण्टमेन्ट (Daivonex) निर्माता-क्रासलैण्ड्स

