बनिया (Baniya / Vaishya) कैटेगरी में आने वाली प्रमुख जातियों की सूची
(यह सूची क्षेत्र/राज्य के अनुसार थोड़ी बदल सकती है)
🔹 उत्तर भारत (बिहार, यूपी, झारखंड, दिल्ली आदि) में प्रचलित बनिया जातियाँ
- अग्रवाल (Agrawal / Aggarwal)
- महेश्वरी (Maheshwari)
- ओसवाल (Oswal)
- खण्डेलवाल (Khandelwal)
- जैन बनिया
- सारावगी / सरावगी (Sarawagi)
- गुप्ता (Gupta)
- गोयल (Goyal)
- बंसल (Bansal)
- मित्तल (Mittal)
- जालान (Jalan)
- पोद्दार (Podar)
- सिंघानिया (Singhania)
- बिरला (Birla)
🔹 बिहार में खास तौर पर मानी जाने वाली बनिया जातियाँ
- अग्रवाल
- महेश्वरी
- ओसवाल
- खण्डेलवाल
- सारावगी
- गुप्ता
🔹 अन्य राज्यों में मिलने वाली बनिया/वैश्य जातियाँ
- मोडी (Modi) – गुजरात
- शाह (Shah) – गुजरात/महाराष्ट्र
- चोरसिया (Chaurasia) – यूपी/एमपी
- वैश्य / वैश्य साहू (Vaishya / Sahu) – कई राज्यों में
ℹ️ महत्वपूर्ण बातें
बनिया कोई एक जाति नहीं, बल्कि वैश्य वर्ण के अंतर्गत आने वाला व्यापारिक समुदाय है।
अलग-अलग राज्यों में सरकारी रिकॉर्ड (कास्ट सर्टिफिकेट) में नाम अलग तरीके से दर्ज हो सकता है।
कुछ बनिया जातियाँ जनरल कैटेगरी में आती हैं, जबकि कुछ राज्यों में कुछ उप-समुदाय OBC में भी दर्ज मिल सकते हैं।
बनिया श्रेणी में कई जातियां और उपजातियां आती हैं, जिनमें मुख्य रूप से
- अग्रवाल
- गुप्ता
- माहेश्वरी
- ओसवाल
- पोरवाड़
- खंडेलवाल
- कसेरा
- केसरवानी
- रोनियार
- बरनवाल
- अग्रहरी
- कलवार
- पंसारी
- गोदक
जैसी जातियां शामिल हैं, जो मुख्य रूप से व्यापार और वाणिज्य से जुड़ी हैं और वैश्य वर्ण के अंतर्गत आती हैं।
प्रमुख बनिया उपजातियां अग्रवाल ये बनिया समुदाय के सबसे प्रमुख समूहों में से एक हैं, जिनमें बीसा और दासा जैसे उप-समूह भी हैं।
माहेश्वरी और ओसवाल: ये भी बनिया समुदाय के महत्वपूर्ण हिस्से हैं, जो जैन और शैव परंपराओं से जुड़े हैं।
जैन बनिया: इसमें सरावगी और ओसवाल जैसे समूह शामिल हैं।
बिहार/उत्तर प्रदेश आधारित जातियां:-
- सूड़ी
- गोदक
- मायरा
- रोनियार
- पंसारी
- मोदी
- कसेरा
- केसरवानी
- ठठेरा
- कलवार
- कमलापुरी वैश्य
- माहुरी वैश्य
- बंगी वैश्य
- वैश्य पोद्दार
- बर्नवाल
- अग्रहरी वैश्य
- कसौंधन
- गंधबनिक
- बाथम वैश्य
- गोलदार
अन्य संबंधित नाम:- बनिया समुदाय को कई बार वैश्य, महाजन, लाला, सेठ, और साहू भी कहा जाता है।
मुख्य विशेषता:- बनिया समुदाय मुख्य रूप से व्यापारी वर्ग है, जो प्राचीन काल से ही व्यापार, लेन-देन और वित्त से जुड़ा रहा है।
