डिप्रेशन के लक्षण:
1. भावनात्मक लक्षण:
लगातार उदासी और खालीपन महसूस करना।
आत्मविश्वास की कमी।
गुस्सा या चिड़चिड़ापन।
आत्महत्या या आत्मनुकसान के विचार आना।
2. शारीरिक लक्षण:
भूख में कमी या अधिक भोजन करना।
नींद न आना (अनिद्रा) या अधिक सोना।
थकान और ऊर्जा की कमी।
शरीर में दर्द, सिरदर्द या पाचन संबंधी समस्याएं।
3. व्यवहारगत लक्षण:
काम या शौक में रुचि की कमी।
सामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाना।
एकाग्रता में कमी।
निर्णय लेने में कठिनाई।
डिप्रेशन के कारण:
1. जैविक कारण:
मस्तिष्क में रसायनों का असंतुलन।
आनुवंशिकता (परिवार में डिप्रेशन का इतिहास)।
2. मनोवैज्ञानिक कारण:
बचपन के आघात या बुरी यादें।
आत्मसम्मान की कमी।
3. पर्यावरणीय कारण:
तनावपूर्ण जीवन की स्थिति (जैसे नौकरी की समस्या, रिश्तों में तनाव)।
अकेलापन।
नशीली दवाओं का सेवन।
इलाज और प्रबंधन:
1. चिकित्सीय इलाज:
एंटीडिप्रेसेंट दवाओं का सेवन (डॉक्टर की सलाह से)।
थैरेपी (जैसे काउंसलिंग या कॉग्निटिव बिहेवियरल थैरेपी)।
2. स्वयं सहायता:
नियमित व्यायाम करना।
संतुलित आहार लेना।
पर्याप्त नींद लेना।
परिवार और दोस्तों से बात करना।
3. योग और ध्यान:
ध्यान और प्राणायाम तनाव को कम करने में सहायक होते हैं।
4. पेशेवर सहायता:
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है।
डिप्रेशन से जुड़ी गलतफहमियां:
यह सोचना कि डिप्रेशन कमजोरी है।
इसे हल्के में लेना।
मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं पर बात करने में हिचकिचाहट।
यदि आपको या किसी और को डिप्रेशन का सामना करना पड़ रहा है, तो इसे अनदेखा न करें। मदद लेना पहला कदम है।
